हार्ट-ब्रेन हार्मोनाइज़ेशन टेक्नीक
ग्रेग ब्रैडेन हार्ट-ब्रेन हार्मोनाइज़ेशन टेक्नीक, या दिल और दिमाग को बैलेंस करने की टेक्नीक शेयर करते हैं, जिससे रोज़ाना के स्ट्रेस को कम करने में मदद मिलती है, इसके लिए दिलचस्प साइंटिफिक प्रिंसिपल्स का इस्तेमाल किया जाता है:
खास बातें
साइंटिफिक खोज: 1991 में, साइंटिस्ट्स ने दिल में लगभग 40,000 खास सेल्स खोजे, जिन्हें सेंसरी न्यूराइट्स कहा जाता है, जो छोटे दिमाग की तरह काम करते हैं, जो क्रेनियल ब्रेन से अलग सोचने, महसूस करने और याद रखने में सक्षम हैं।
सेल्फ-कंट्रोल की पावर: इंसान ही एकमात्र ऐसी प्रजाति है जो दिल और दिमाग के बीच तालमेल बनाने के लिए विचारों, भावनाओं, इमोशंस और सांस के ज़रिए अपने बायोलॉजिकल सिस्टम को कंट्रोल कर सकती है।
0.1 हर्ट्ज़ फ़्रीक्वेंसी: 0.1 हर्ट्ज़ की फ़्रीक्वेंसी पर यह तालमेल बनाने से न केवल शरीर को अंदर से बैलेंस करने में मदद मिलती है, बल्कि यह धरती की रेज़ोनेंस फ़्रीक्वेंसी के साथ भी अलाइन होता है।
बैलेंसिंग के लिए मेडिटेशन टेक्नीक
1. दिल पर फोकस करें: अपना हाथ अपने दिल पर रखें और अपना ध्यान अपने विचारों से हटाकर अपने दिल के आस-पास की फीलिंग पर लगाएं।
2. सांस: धीरे-धीरे सांस लें। 1. सांस छोड़ने के फेज़ को सांस लेने के फेज़ से आगे बढ़ाएं (जैसे, 5 सेकंड अंदर, 8 सेकंड बाहर) ताकि नर्वस सिस्टम को सेफ्टी सिग्नल भेजा जा सके।
2. पॉजिटिव फीलिंग्स पैदा करें: बैलेंस बनाने के लिए शुक्रगुजार या दया की भावनाओं का इस्तेमाल करें।
फायदे:
इस टेक्निक को दिन में सिर्फ 3 मिनट प्रैक्टिस करने से स्ट्रेस कम करने (कोर्टिसोल कम करने), DHEA लेवल (एंटी-एजिंग हॉर्मोन) बढ़ाने, इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने और शरीर को रिकवरी और रीबैलेंसिंग के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।
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